1. भौतिक नियंत्रण: 40% अऊर 60% के बीच परिवेश आर्द्रता बनाए रखै से (ह्यूमिडिफायर या इनडोर पौधन का उपयोग कइके) स्थिर बिजली के जोखिम का कम कीन जा सकत है। कपड़ा संघ परीक्षण डेटा से पता चलत है कि आर्द्रता मा हर 10% वृद्धि के लिए, स्थिर वोल्टेज औसतन 15%-20% तक कम हो जात है।
2. रासायनिक उपचार: एंटीस्टैटिक एजेंट (जैसे चतुर्थक अमोनियम लवण) फाइबर सतह के चालकता बढ़ा के आवेश का बेअसर कइ सकत हैं। हालांकि, ई उपचार कपड़ा के महसूस का प्रभावित कइ सकत है अऊर समय-समय पर पुन: कोटिंग के आवश्यकता होत है।
3. सामग्री चयन: प्राकृतिक रेशा (जैसे कपास-पॉलिएस्टर मिश्रण) के साथ मिश्रण स्थायित्व के साथ एंटीस्टैटिक गुणन का संतुलित कर सकत है। ई सिफारिश कीन जात है कि मिश्रण मा प्राकृतिक रेशा के अनुपात 30% से अधिक या बराबर हो (AATCC TM76 परीक्षण मानक देखौ)।
4. पहनने के तकनीक: घर्षण क्षेत्र का कम करै के लिए कई सिंथेटिक फाइबर कपड़न के परत लगावै से बचे; एक झपकी लेय वाली सतह (जैसे ब्रश कीन गा कपड़ा) वाले कपड़ा का प्राथमिकता दै, काहे से कि आवेश फाइबर के निर्वहन के माध्यम से खतम होइ जात है।
